समरथ को नहीं दोष गोसाई

पूर्व प्रधान मंत्री एच डी देवीगोडा के पौत्र एवं पूर्व मुख्य मंत्री कुमार स्वामी के सपुत्र का विवाह समारोह आज मीडिया की सुर्खियों में है । कंप्लीट लाक डाउन की धज्जियाँ सरे आम उड़ी इस विवाह समारोह में 2000 लोगों के शामिल होने के समाचार हैं ।

कोविड 19 से निपटने के लिये देश में कंप्लीट लाक डाउन के दौरान प्रधान मंत्री नरेंद्र भाई मोदी की ताकीद पर  देश के 130 करोड़ नागरिक अपने घरों में सिमटे हुए हैं और सोशल डिस्टिंग का अनुपालन कर रहे हैं ।

हलांकि परिवार के सदस्यों का कहना है कि विवाह में केवल 60 लोग शामिल हुए थे । 60 लोगों के लिये 10 केमरा मेन/फोटोग्राफरों की मौजूदगी समझ से परे है ।कंप्लीट लाक डाउन के उलंघन करने वालों से प्रशासन सख्ति से निपट रहा है ।

अंतिम यात्रा में भी 10 से ज्यादा लोग शामिल नहीं हो सकते । ऐसे में बड़े पैमाने पर ऐसे समारोह का आयेजन बिना प्रशासनिक ढ़ील के असंभव है । कोविड 19 से निपटने के लिए जूझ रहे हमारे कोरोना वारियरस के मनोबल के मध्यनजर विचारणीय है तो बस राम चरित मानस की पंक्ति समरथ को नहीं दोष गोसाई याने कि  नियमों के अनुपालन में दोहरे मानदंड...